कोरोना काल में बोत्सवाना से आयी 275 hathiyo ki maut की खबर

अफ्रीकी महाद्वीप के दक्षिण में स्थित बोत्सवाना देश जंगलो में पिछले कुछ महीनो से हाथिओं की मौते हो रही है। एक दो नहीं लगभग 350 से भी ज्यादा हाथिओं हो चुकी है, जिनमे 275 हाथियों की मौत की पुस्टि भी हो चुकी है।

कुछ बच्चे बूढ़े नर और मादा यह सभी उम्र के हाथी है। मौतो का सिलसिला मई महीने में ही शुरू हो गया था।

अभी तक मौतों का सही कारण पता नहीं चला है। क्योंकि मारे गए हाथिओं में इनके दाँत और व बाकि हिस्से सही सलामत है, इससे पता चलता है कि इन्हे शिकार के लिए नहीं मारा गया होगा।

बोत्सवाना के पशु अधिकारी बताते है कि मरने वाले हाथिओं में 70% 1 महीने पुराने है और बाकि 2-3 हफ्ते पुराने है।

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Source: pixabay.com

मुख्य पशु अधिकारी माड़ी रोयबेन ने कहा “अब तक 356 हाथियों की मौत हुई है जिनमे 275 की पुस्टि हो चुकी है। टीम ने हाथियों के नमूने और ताजा शव इक्कठा किये है।  इसके बाबजूद वातावरण के भी नमूने जमा कर रही है शवों से दांतो को एकत्रित कर रही है। और हाथियों पर भी लगातार नजर बनाये हुए है।

बोत्सवाना में अफ्रीका के 1/3 हाथी रहते है। बोत्सवाना में पिछले कुछ 10 सालो में हाथियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।

यह 1990 के दशक में 80 हजार हुआ करते है जबकि अभी इनकी संख्या 1 लाख 20 हजार से भी अधिक है। इस कारण हाथियों का टकराव इंसानो के साथ बढ़ गया है। बोत्सवाना के राष्टपति ने 5 साल से लगी हाथियों के शिकार की रोक को हटा दिया है। 

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Source: pixabay.com

मारे गए हाथिओं में इनके दाँत और व बाकि हिस्से सही सलामत है, इससे पता चलता है ये काम शिकारियों का नहीं है। तो इसका कारण कोई बीमारी हो सकती है? इसका कारण covid-19 भी हो सकता है, इसका अभी पका सबूत नहीं आया है। इसका एक कारण जहर भी हो सकता है। 

एक आशंका anthrax भी हो सकती है जो की बोत्सवाना में आम है। पर anthrax के लिए साल का यह सही मौसम नहीं है। हा पिछले साल नवंबर में कुछ हाथियों की मौत हुई थी पर इस समय बोत्सवाना में बारिश भी सही हुई है। हम ज्यादा आशंका लेकर यह चल रहे है कि हाथियों कि मौते virus से ही हुई होंगी। 

तस्वीरों और वीडियो से पता चल रहा है कि मरने से पहले हाथी कमजोर और बेहद थके लग रहे है। ऐसा माना जा रहा है कि हाथी चलते चलते गिर गए थे और उनको दिशा का भी ज्ञान नहीं था। 

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