Hong Kong protest: India ही नहीं हांगकांग भी परेशान है चीन से

हांगकांग में चीन द्वारा लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का विरोध दुनिया के कई देश कर रहे है। जहा ब्रिटेन ने हांगकांग के निवाशियो को ब्रिटेन में रहने की इजाजत दी है, वहीँ अमेरिका ने हांगकांग के कई पर्तिबंदो को मंजूरी दे दी है। अमेरिका में प्रस्ताव निकला है कि जो भी कंपनी चीन के बैंको से business करेगा उसमे जुरमाना लगेगा।

अमेरिका के राष्टपति donald trump के पास जाने से पहले यह प्रस्ताव अमेरिका सीनेटर में पास होना जरुरी है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने ये एलान किया है कि चीन के नए कानून से हांगकांग में स्वतंत्रा का उलंघन हो रहा है। और इससे प्रभावित होने वाले लोगो को ब्रिटेन में आने का न्योता दिया जायेगा। हांगकांग पहले ब्रिटेन का उपनिवेश था।

Hong-Kong-protest in hindi

बोरिश के इस फैसले से चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। ब्रिटेन में चीन राजदूत ने कहा है कि ब्रिटेन को चीन के अंदरूनी मामलो में हस्तछेप करने की कोई जरुरत नहीं है। चीन इसके लिए जरुरी कदम उठाएंगे।

चीन के राजदूत liu chiya uming ने कहा कि यह दोनों देशो में हुए समझौते के खिलाप है। उन्होंने इसे गैरजिमेदारी भरा कदम बताया। ब्रिटेन के नए फैसले के बाद हांगकांग में रहने वाले ब्रिटेन पससपोर्टधारी और अन्य लोग ब्रिटेन में अगले 5 साल तक रह सकते है। और एक साल बाद यह लोग ब्रितानी नागरिता के लिए आवेदन भर सकते है।

Hong-Kong-protest people

बोरिस ने आगे कहा कि चीन का नया कानून, 1995 के  चीन और ब्रिटेन के सयुक्त घोषणा पत्र का उलंघन है। उन्होंने आगे कहा कि इस कानून के मुताबित चीन अगले 50 सालो तक हॉन्गकॉन में कैसे सुरक्षा और शांति बनाये रखेंगे।

अभी पिछले साल ही अमेरिका ने मानव अधिकार और लोग तंत्र विधायक को क़ानूनी दर्जा दिया है।

इसमें हांगकांग में प्रदर्शन कर रहे लोगो का समर्थन करने की बात कही गयी है। अमेरिका और ब्रिटेन के आलावा ऑस्ट्रेलिया भी हांगकांग में चल रहे प्रदर्शन की बातें कर रहा है।

ऑस्ट्रेलिया के प्रधान मंत्री scot morison ने कहा कि हांगकांग से सम्भदित कई प्रस्तावों में विचार चल रहा है। ताइवान के एक वरिस्ट नागरिक ने ताइवानी नागरिको कहा है कि वे अभी हांगकांग की यात्रा न करे। उन्होंने कहा ये अभी तक का सबसे अपमान जनक कानून है। जापान तो इस कानून का विरोध करने वाला सबसे पहला देश है।

जापान ने इस कानून के लागु होने पे खेद जताया है। वही कनाडा ने भी  हांगकांग की यात्रा के लिए नए नियम बनाये है। कनाडा का कहना है कि  हांगकांग में अब किसी को भी हिरासत में लिया जा सकता है या चीन में बंदी बनाया जा सकता है।

Hong-Kong-protest

वही चीन ने अपने पे लगे सारे आरोप बे बुनियाद बताये। और कहा है कि  हांगकांग में चल रहे कानून का किसी दूसरे देश से कोई लेना देना नहीं है। यह उनका अपना अंदरूनी मामला है।

India China Galwan Valley में ज़ोरदार मुठभेड़: दो सैनिकों सहित एक अधिकारी शहीद

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *