Kya hai Rafale ki Khubiya | जानिए इसमें क्या है खास

बुधबार को अम्बाला airport पर पांचो Rafal विमान पहुंच गए। Rafal के आने पर water salute दिया गया। फ़्रांस से चले पांचो rafal बुधबार की दोपहर को भारत के जमीन पर पहुंचे। अम्बाला airbase पर इनका स्वागत करने के लिए air chief R K S bhadoriya भी मौजूद थे।

Rafal ki khubiya

दुश्मन को धूल चटाने वाले Rafal को golden arrows squadron में शामिल किया जायेगा। इस squadron को बंद कर दिया गया था पर रफाल के आने पर इसे फिर से active कर दिया गया है। 

rafal india

इस spuadron ने 1965 और 1971 की जंग में पाकिस्तान को हराने में अहम् भूमिका निभायी थी। golden arrows -17 squadron में 18 राफेल लड़ाकू विमान होंगे। golden arrows -17 squadron का गठन 1 october 1951 को किया गया था।  इसमें 1957 में hoker dunter aircraft और 1975 में mig -21 को शामिल किया गया था। 

चीन के साथ चल रहे विवाद के चलते यह विमान भारत लाये गए 

 बरसो से इन राफेल विमानों का इंतजार हो रहा था। वो बुधबार को भारत पहुंच गए। भारत के प्रधानमंत्री N मोदी ने tweet कर सभी को शुभकामनाये दिए है। वही सुरक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी tweet कर इसकी जानकारी दी और दुश्मन देशों को साफ साफ हिदायद दी है। 

राफेल को वायुसेना में शामिल करने के बाद भारत चीन सीमा पर तैनात कर दिया जायेगा। राफ़ेल की मारक छमता 3700 Km है। यह अपने साथ 6 super sonic missale और laser guided bumb लेकर उड़ सकता है। राफेल लगभग 10 घंटो तक लगातार उड़ान भर सकता है। यह हवा से ही जमीन और समुन्द्र दोनों जगह दुश्मनो में नजर गड़ाए रह सकता है। और दुश्मनो को कुछ ही क्षणों में मिटटी में मिला सकता है। 

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Janiye Kya Hai Rafale ki Khubiya

 

राफ़ेल अधिकतम 2,130 किमी/घंटा की रफ़्तार से उड़ सकता है और 3700 किमी. तक की मारक क्षमता है।राफ़ेल 24,500 किलो उठाकर ले जाने में सक्षम है और 60 घंटे तक हवा में उड़ान भर सकता है। 

यह लड़ाकू विमान 150 किमी की बियोंड विज़ुअल रेंज मिसाइल ले जा सकता है जो की हवा से जमीन पर मार वाली स्कैल्प मिसाइल है। 

यह हर तरह के मिशन में भेजा जा सकता क्योकि यह दो इंजन वाला लड़ाकू विमान है, 

राफ़ेल लड़ाकू विमान अत्याधुनिक हथियारों से लैस होता है, प्लेन के साथ मेटेअर मिसाइल भी होता है। 

यह 60 seconds में 60,000 फ़ुट की ऊंचाई तक पहुंच सकता है क्योकि यह 4.5 जेनरेशन के ट्विन इंजन से लेस है। 

यह परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है और यह हमेशा 70 % तैयार स्थिति में रहता है भारतीय  वायुसेना के हिसाब से फेरबदल किए गए हैं

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